फैमिली पेंशन में हुआ बदलाव! अब मिलेगी ज्यादा रकम? जानें नया अपडेट Family Pension Latest News

फैमिली पेंशन, सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। हाल ही में, केंद्र सरकार ने फैमिली पेंशन और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में बड़े बदलाव किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य पेंशनभोगियों की जीवनशैली को बेहतर बनाना और उनके परिवारों को अधिक वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है।

इस लेख में, हम फैमिली पेंशन और UPS के नए नियमों, उनकी विशेषताओं, पात्रता मानदंड, और लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही, यह भी समझेंगे कि इन योजनाओं से पेंशनधारकों को कैसे फायदा होगा।

फैमिली पेंशन क्या है?

फैमिली पेंशन वह वित्तीय सहायता है जो किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को दी जाती है। यह पेंशन कर्मचारी की सेवा के दौरान या रिटायरमेंट के बाद उसकी मृत्यु होने पर उसके परिवार को प्रदान की जाती है।

फैमिली पेंशन के मुख्य नियम

  • फैमिली पेंशन कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 30% होती है।
  • न्यूनतम पेंशन राशि ₹3500 प्रति माह तय की गई है।
  • यदि कर्मचारी की मृत्यु सेवा अवधि के दौरान होती है, तो उसकी विधवा/विधुर या बच्चों को यह लाभ मिलता है।
  • बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार लाभ दिया जाता है। यदि बच्चे 25 वर्ष से कम उम्र के हैं, तो उन्हें पेंशन दी जाती है।
  • पुनर्विवाह करने पर भी विधवा को पेंशन मिल सकती है, बशर्ते उसकी आय फैमिली पेंशन से कम हो।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का परिचय

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई योजना है जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो चुकी है। UPS ने पुराने NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) को बदलकर सरकारी कर्मचारियों के लिए निश्चित मासिक पेंशन की व्यवस्था की है।

UPS के मुख्य नियम और विशेषताएं

विशेषताविवरण
योजना का नामयूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
लागू होने की तिथि1 अप्रैल 2025
न्यूनतम मासिक पेंशन₹10,000
गारंटीड फैमिली पेंशनअंतिम वेतन का 60%
सेवा अवधिकम से कम 10 वर्ष
पूर्ण पेंशनअंतिम 12 महीनों के औसत वेतन का 50% (25 वर्ष सेवा पर)
महंगाई राहतऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित
नियोक्ता योगदानबेसिक सैलरी का 18.5%

फैमिली पेंशन में हुए बदलाव

सरकार ने फैमिली पेंशन में कई सुधार किए हैं ताकि लाभार्थियों को अधिक वित्तीय सहायता मिल सके।

मुख्य बदलाव

  1. पारिवारिक सुरक्षा:
    • कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को उसकी अंतिम वेतन का 60% मिलेगा।
    • यह राशि पहले से अधिक है और परिवार को आर्थिक रूप से स्थिर बनाएगी।
  2. न्यूनतम मासिक राशि:
    • UPS के तहत न्यूनतम मासिक फैमिली पेंशन ₹10,000 तय की गई है।
  3. महंगाई राहत:
    • महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 50% तक किया गया है ताकि बढ़ती लागत का सामना किया जा सके।
  4. पात्रता मानदंड:
    • बच्चों के लिए आयु सीमा बढ़ाई गई है; अब वे 25 वर्ष तक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
    • दिव्यांग बच्चों को जीवनभर 75% तक फैमिली पेंशन मिलेगी।

UPS और NPS का अंतर

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को बदल दिया है। UPS अधिक निश्चितता और सुरक्षा प्रदान करता है।

| विशेषता | UPS | NPS |
|–|–|
| गारंटीड मासिक राशि | ₹10,000 न्यूनतम | बाजार आधारित |
| नियोक्ता योगदान | बेसिक सैलरी का 18.5% | बेसिक सैलरी का 14% |
| फैमिली पेंशन | अंतिम वेतन का 60% | कोई गारंटी नहीं |
| महंगाई राहत | लागू | लागू नहीं |

कैसे करें आवेदन?

UPS और फैमिली पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और डिजिटल बनाई गई है।

आवेदन प्रक्रिया:

  1. ऑनलाइन आवेदन:
    • Protean CRA पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
  2. ऑफलाइन आवेदन:
    • निकटतम जिला प्रशासन कार्यालय में जाकर आवेदन करें।

आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • आय प्रमाण पत्र
  • विकलांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांगों के लिए)

फायदे और चुनौतियां

UPS और फैमिली पेंशन योजनाओं के फायदे:

  • रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित आय।
  • पारिवारिक सुरक्षा सुनिश्चित।
  • महंगाई राहत से बढ़ती लागत का सामना करने में मदद।
  • डिजिटल भुगतान प्रणाली द्वारा पारदर्शिता।

चुनौतियां:

  • निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
  • कुछ लाभार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

निष्कर्ष

फैमिली पेंशन और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में किए गए बदलाव सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा कदम हैं। ये योजनाएं न केवल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं बल्कि पारिवारिक स्थिरता भी सुनिश्चित करती हैं।

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Disclaimer: UPS और फैमिली पेंशन योजनाओं से संबंधित सभी जानकारी सरकारी अधिसूचनाओं पर आधारित हैं। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड और नियमों की पूरी जांच करें।

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