आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स हमारे देश की स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। ये महिलाएं न केवल बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हाल ही में, इनके वेतन में वृद्धि को लेकर कई चर्चाएं हो रही हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि क्या सच में इनका वेतन बढ़ा है और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा समय-समय पर आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स के वेतन में वृद्धि की घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं का उद्देश्य इन वर्कर्स के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
Salary Hike for Anganwadi and ASHA Workers
आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स के वेतन में वृद्धि को लेकर कई घोषणाएं हुई हैं। नीचे एक तालिका के माध्यम से इस विषय की प्रमुख जानकारी दी गई है:
विवरण | जानकारी |
वर्तमान मानदेय (आंगनवाड़ी) | ₹4,500 (केंद्र) + ₹3,600 (राज्य) |
वर्तमान मानदेय (आशा) | ₹2,000 – ₹4,000 (राज्य के अनुसार) |
प्रस्तावित मानदेय वृद्धि | 10% – 30% (राज्यों के आधार पर) |
वेतन वृद्धि का प्रभाव | जीवन स्तर में सुधार |
राज्यों की पहल | पश्चिम बंगाल, असम, केरल आदि |
केंद्र सरकार की योजना | अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं |
वर्कर्स की मांगें | नियमित रोजगार, पेंशन लाभ |
आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स का महत्व
आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स का काम केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। ये महिलाएं बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा फैलाने जैसे कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। COVID-19 महामारी के दौरान इन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में काम किया और समुदाय को जागरूक किया।
इनके कार्यों में शामिल हैं:
- बच्चों का टीकाकरण
- गर्भवती महिलाओं की देखभाल
- कुपोषण का पता लगाना और उसका समाधान करना
- सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना
विभिन्न राज्यों द्वारा वेतन वृद्धि
पश्चिम बंगाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मार्च 2024 में घोषणा की थी कि आंगनवाड़ी वर्कर्स का वेतन ₹8,250 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सहायकों को ₹500 प्रति माह अतिरिक्त दिया जाएगा।
असम
असम सरकार ने 2025 के बजट में आंगनवाड़ी वर्कर्स के लिए वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, अभी तक इसे लागू करने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
केंद्र सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन देने की घोषणा की थी। यह प्रोत्साहन ₹250 से ₹500 तक हो सकता है।
क्या सच में मिलेगा ₹10,500 प्रति माह?
हाल ही में यह खबर वायरल हुई कि आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स को अब हर महीने ₹10,500 का वेतन मिलेगा। हालांकि, यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। केंद्र सरकार ने अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हां, कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर वेतन वृद्धि जरूर लागू की है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर की महिलाओं को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।
अन्य उद्देश्य:
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना
- बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना
- महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना
- स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना
चुनौतियां
हालांकि यह पहल काफी लाभकारी है, लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं:
- सभी राज्यों में समान रूप से लागू करना।
- बजट आवंटन सुनिश्चित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाना।
निष्कर्ष
आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स हमारे समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके वेतन में वृद्धि से न केवल इनका जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। हालांकि, ₹10,500 प्रति माह मिलने का दावा फिलहाल पूरी तरह सच नहीं है। केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा इस विषय पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। कृपया किसी भी निर्णय से पहले संबंधित सरकारी घोषणा या अधिसूचना की पुष्टि करें।