भारत सरकार हर साल बजट पेश करती है, जिसमें आम जनता और विभिन्न सेक्टर्स के लिए नई योजनाओं और नीतियों की घोषणा की जाती है। बजट 2025 में आयकर (Income Tax) को लेकर एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। इस बार सरकार ने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह निर्णय देश के करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।
इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि 12 लाख तक की कमाई पर जीरो टैक्स का फायदा कैसे मिलेगा, इसका कैलकुलेशन कैसे किया जाएगा और इसके पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है। साथ ही, हम आपको इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे ताकि आप इसका सही लाभ उठा सकें।
बजट 2025 में आयकर छूट: मुख्य बातें
नीचे दिए गए टेबल में बजट 2025 के तहत आयकर छूट से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:
योजना का विवरण | जानकारी |
योजना का नाम | बजट 2025: आयकर छूट |
लागू होने की तारीख | 1 अप्रैल 2025 |
छूट का दायरा | 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय |
लाभार्थी | नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग |
पुरानी व्यवस्था | 5 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स |
नई व्यवस्था | 12 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स |
उद्देश्य | करदाताओं को राहत देना और खर्च बढ़ाना |
लागू करने वाली संस्था | भारत सरकार |
12 लाख तक की कमाई पर जीरो टैक्स: कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार ने नई टैक्स स्लैब पेश की है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले यह सीमा केवल 5 लाख रुपये थी। इसका मतलब यह है कि अब अधिक लोग इस छूट का फायदा उठा पाएंगे।
कैसे होगा कैलकुलेशन?
मान लीजिए, आपकी सालाना आय 12 लाख रुपये है। यदि आप किसी भी प्रकार की छूट (जैसे- HRA, PPF, LIC प्रीमियम आदि) का लाभ नहीं लेते हैं, तो भी आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
अगर आपकी आय इससे अधिक है, तो नई स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा। उदाहरण के लिए:
- 12 लाख तक: जीरो टैक्स
- 12-15 लाख: न्यूनतम दर से टैक्स
- 15 लाख से अधिक: उच्च दर से टैक्स
पुरानी और नई व्यवस्था में अंतर
पुरानी व्यवस्था में केवल 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट थी, जबकि नई व्यवस्था में इसे बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। यह मध्यम वर्ग को सीधा फायदा पहुंचाएगा।
इस योजना के फायदे
इस नई नीति से निम्नलिखित फायदे होंगे:
- मध्यम वर्ग को राहत: नौकरीपेशा और छोटे व्यवसायियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।
- खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी: जब लोग ज्यादा पैसा बचाएंगे, तो वे इसे खर्च करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
- बचत को बढ़ावा मिलेगा: लोग अपनी बचत योजनाओं में निवेश करेंगे।
- निवेश में वृद्धि: अतिरिक्त पैसे का उपयोग लोग म्यूचुअल फंड्स, शेयर मार्केट या अन्य निवेशों में करेंगे।
सरकार का उद्देश्य
सरकार ने इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित रखा है:
- मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना।
- देश में उपभोग (Consumption) को बढ़ावा देना।
- निवेश और बचत को प्रोत्साहित करना।
- अर्थव्यवस्था को तेज गति से आगे बढ़ाना।
Income Tax Slabs 2025 (नई स्लैब व्यवस्था)
नीचे दी गई टेबल में नई स्लैब व्यवस्था के अनुसार कर दरों का विवरण दिया गया है:
आय सीमा (रुपये) | टैक्स दर (%) |
0 – 12,00,000 | 0% |
12,00,001 – 15,00,000 | 10% |
15,00,001 – ऊपर | 20% |
यह स्लैब नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ व्यवसायियों और अन्य करदाताओं पर भी लागू होगी।
कैसे करें योजना का लाभ उठाने की तैयारी?
अगर आप इस योजना का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- अपनी वार्षिक आय का सही-सही आकलन करें।
- जितना संभव हो सके बचत योजनाओं (PPF, EPF) और बीमा योजनाओं में निवेश करें।
- टैक्स प्लानिंग समय रहते करें ताकि आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
क्या यह योजना सभी के लिए फायदेमंद होगी?
हालांकि यह योजना मध्यम वर्ग के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन उच्च आय वाले लोगों को इससे ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, सरकार ने इस योजना के साथ कुछ शर्तें भी रखी हैं जो आने वाले समय में स्पष्ट होंगी।
संभावित चुनौतियां
- सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ सकता है।
- उच्च आय वर्ग को सीमित लाभ मिलेगा।
- कर संग्रहण (Tax Collection) कम हो सकता है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। बजट 2025 में घोषित यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इसे लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कृपया आधिकारिक घोषणाओं और विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही किसी निर्णय पर पहुंचे।